E-Rupee का उपयोग दिन-प्रतिदिन के लेनदेन में किया जा सकता है। CBDC क्या है?

Digital currency

भारतीय रिजर्व बैंक(RBI) ने गुरुवार को डिजिटल रुपया (CBDC) लॉन्च किया। जिसे सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी(Central Bank Digital Currency) के नाम से जाना जाता है। लॉन्च के पहले चरण में इसे तीन महानगरों मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु के अलावा भुवनेश्वर में लॉन्च किया गया था। एसबीआई(SBI), आईसीआईसीआई बैंक(ICICI) , यस बैंक(Yes Bank) और आईडीएक्स फर्स्ट बैंक(IDFC) पहले चरण में भाग ले रहे हैं। हालांकि, दूसरे चरण में बड़ी संख्या में बैंक शामिल होंगे। दूसरे चरण में नौ शहरों को जोड़ा जाएगा। इसमें अहमदाबाद पटना, लखनऊ, शिमला, कोच्चि, इंदौर, हैदराबाद, गुवाहाटी और गंगटोक शामिल थे। इस प्रकार, Digital currency का प्रायोगिक लॉन्च प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों में देखा जाएगा। बहामास ने 2019 में दुनिया की पहली डिजिटल मुद्रा लॉन्च की थी। 


भारतीय सेंट्रल बैंक ने भी जल्द ही इसका पायलट लॉन्च कर दिया है। शुरुआत में पायलट को क्लोज यूजर ग्रुप (सीयूजी) के बीच चलाया जाएगा। जिसमें ग्राहक और व्यापारी शामिल होंगे। बहामास द्वारा लॉन्च किया गया सैंड डॉलर दुनिया की पहली CBDC यानी Digital Currencyहै। जिसे सेंट्रल बैंकरों की मान्यता मिली हुई है। इसे साल 2019 में लॉन्च किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, CBDT एक कुशल और लागत प्रभावी मुद्रा प्रबंधन प्रणाली की ओर ले जाएगा।  सीबीडीटी सेटलमेंट से सिस्टम में जोखिम कम होगा और लेनदेन की निश्चितता बढ़ेगी। यहां E-Rupee के बारे में कुछ बेसिक जानकारी दी गई है।


सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी CBDC क्या है ?

यह कैश का इलेक्ट्रॉनिक रूप है। जैसे आप कैश का लेन-देन करते हैं , वैसे ही आप डिजिटल करेंसी(Digital currency) का भी लेन-देन कर सकेंगे। CBDC कुछ हद तक क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन या ईथर जैसे काम करती है । ।


E-Rupee को आप बिना इंटरनेट भी इस्तेमाल कर सकेंगे

E-Rupee ब्लॉकचैन तकनीक पर आधारित है। Digital currency के इस्तेमाल के लिए इंटरनेट की भी जरूरत नहीं होगी। ऐसे में आसानी से एक-दूसरे को भेजकर सामान खरीद सकेंगे। आपको बता दें कि e-Rupee अन्य यूपीआई(UPI) पेमेंट ऐप्स से अलग है। फोन पे या अन्य यूपीआई ऐप में आप जब यूपीआई पिन डालते हैं तो वह अमाउंट आपके बैंक अकाउंट से डेबिट हो जाता है। इसके लिए आपके अकाउंट में पैसे होने चाहिए। वहीं, e-Rupee को आप मोबाइल में रख सकते हैं। इसके लिए आपको बैंक खाते में कोई भी फिजिकल करेंसी यानी कैश (नकद) नहीं रखनी होगी।



रिटेल डिजिटल रूपी क्या है?

RBI के अनुसार, CBDC सेंट्रल बैंक द्वारा जारी एक कानूनी निविदा है, यह देश की कानूनी मुद्रा के बराबर है और इसके नियमों के अनुसार देश की फिएट मुद्रा के विरुद्ध विनिमय किया जा सकता है। केवल उसका रूप अलग है। अभी तक कागजी मुद्रा या सिक्के प्रचलन में थे। अब से डिजिटल रूपी भी शामिल हैं। 


रिटेल सीबीडीसी(CBDC) का उपयोग कौन कर सकता है?

  • पहले चरण में मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर को कवर किया जाएगा। 
  • भारतीय स्टेट बैंक(SBI), आईसीआईसीआई बैंक(ICICI), यस बैंक(Yes Bank) और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक(IDFC) पायलट प्रोजेक्ट में भाग ले रहे हैं।
  • धीरे-धीरे Digital currency सेवा का विस्तार अन्य शहरों और बैंकों में किया जाएगा।

कैसे काम करेगा डिजिटल रुपया?  

  • पायलट प्रोजेक्ट से संबद्ध बैंकों द्वारा पेश किए गए डिजिटल वॉलेट(Digital wallet) के माध्यम से उपयोगकर्ता e-Rupee में लेनदेन करने में सक्षम होंगे। वे इसे मोबाइल फोन और उपकरणों में भी स्टोर कर सकते हैं।
  • ये लेन-देन व्यक्ति से व्यक्ति या व्यक्ति से व्यापारी तक होंगे।  जो क्यूआर कोड(QR) के जरिए संभव होगा।

डिजिटल करेंसी(Digital currency) की जरूरत क्यों?  

  • फिजिकल कैश चलाने में होने वाली भारी परिचालन लागत को कम करने के लिए। 
  • दोनों देशों के बीच पैमेंट में इनोवेशन में तेजी लाने के लिए। 
  • बिटकॉइन ईथर आदि जैसी निजी क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फाइनेंसिंग, टैक्स चोरी को रोकने के लिए।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ