Bisleri के भारत आने की कहानी। Bisleri कैसे बना मिनरल वाटर का पॉपुलर ब्रांड। क्यों बिक रही है Bisleri?

Tata Consumer Products Limited


Bisleri की कहानी और इतिहास : Bisleri के भारत आने की कहानी दिलचस्प है। 400 नदियों वाले देश में बोतलबंद पानी बेचना आसान नहीं था। रमेश चौहान ने अपने दम पर इसे संभव किया।

'समजदार जानता हैं हर पानी की बोतल Bisleri नहीँ ' यह वाक्य हम सभी ने सुना ही हैं और यह वाक्य पढ़कर आपके जहन में आ ही गया होगा कि Bisleri के एक विज्ञापन का हैं। 

बिसलेरी की स्थापना 20 नवंबर,1851 में इटली के Signor Felice Bisleri ने की थी। इटालियन डॉक्टर Cesari Rossi ने Khushroo Suntook के साथ 1965 में मुंबई के ठाणे में Bisleri का पहला वाटर प्लांट स्थापित किया। Bisleri ने शुरुआत में मार्केट में दो प्रॉडक्टों को उतारा। पहला था Bisleri वाटर और दूसरा था Bisleri सोडा। शुरुआत में Bisleri, पानी से ज्यादा सोडे के लिए जाना जाने लगा और तब उन्हें Bisleri वाटर बेचने में ज्यादा सफलता हासिल नहीं हो पाई। इस वजह से Khushroo Suntook अपने इन ब्रांड्स को आगे चलाना नहीं चाहते थे। 

Bisleri वाटर की असफलता के बाद Khushroo Suntook अपनी कंपनी को बेचने के लिए तैयार हो गए। 1969 में चौहान परिवार के नेतृत्व वाली पार्ले(Parle) ने Bisleri को 4 लाख रुपये में खरीद लिया था। तब रमेश चौहान सिर्फ 28 साल के थे। 

खबर आ रही है कि पॉपुलर मिनरल वाटर ब्रांड Bisleri अब टाटा ग्रुप का हो सकता है। Bisleri के मालिक रमेश चौहान ने माना है कि वह Bisleri के संभावित खरीदारों से बातचीत कर रहे हैं। जिस कंपनी को उन्होंने 1969 में करीब 4 लाख रुपए में खरीदा था, वह अब 7000 करोड़ रुपए में बिक रही है। मूल रूप से Bisleri कंपनी शराब की लत छुड़ाने के लिए ड्रिंक बना रही थी। हालाँकि, कंपनी ने पानी बेचने के इरादे से भारत में प्रवेश किया था। रमेश चौहान ने Bisleri को भारत का पॉपुलर ब्रांड बना दिया। पिछले 50 साल से सॉफ्ट ड्रिंक और मिनरल वाटर उद्योग में सक्रिय 82 वर्षीय रमेश चौहान Bisleri इंटरनेशनल के आज भी चेयरमैन हैं

आज Bisleri की भारत में बोतलबंद ड्रिंकिंग वॉटर में 60% बाजार हिस्सेदारी है। 135 प्लांट के दम पर रोजाना दो करोड़ लीटर से ज्यादा पानी बेचने वाला Bisleri आज देश-दुनिया में छा गया है। आज Bisleri 5000 से अधिक वितरक ट्रकों और 3500 वितरकों के माध्यम से 3.5 लाख से अधिक रिटेल दुकानों तक पहुंच रहा है। Bisleri अपने उत्पादों को अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और अन्य ऑनलाइन रिटेल विक्रेताओं के माध्यम से भी वितरित करता है।

यह 8 पैक आकारों में उपलब्ध है: 250 मिली कप, 250 मिली बोतल, 500 मिली, 1 लीटर, 1.5 लीटर, 2 लीटर, 5 लीटर और 20 लीटर। यह भारतीय उपमहाद्वीप में संचालित होता है और भारत में बोतलबंद पानी के अग्रणी आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। 2007 तक, Bisleri के पूरे भारत में 8 प्लांट और 11 फ्रेंचाइजी थीं।


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Bisleri क्यों बेच रहे हैं रमेश चौहान?
पॉपुलर ड्रिंकिंग वॉटर Bisleri के चेयरमैन रमेश चौहान का कहना है कि कंपनी को अगले स्तर पर ले जाने के लिए कोई होना चाहिए। उनकी बेटी जयंती चौहान कंपनी की वाइस चेयरपर्सन है। जयंती चौहान को Bisleri लिमिटेड में कोई दिलचस्पी नहीं है। और एक वजह है की रमेश चौहान की बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य है इसलिए वह खरीदार की तलाश कर रहे है। चौहान ने कहा है कि कंपनी को आगे ले जाने और उसका विस्तार करने वाला कोई उत्तराधिकारी नहीं है। 

कौन है जयंती चौहान? 
जयंती चौहान पॉपुलर मिनरल वॉटर ब्रांड Bisleri के मालिक और अध्यक्ष रमेश चौहान की बेटी हैं। और उनका अधिकांश बचपन दिल्ली, मुंबई और न्यूयॉर्क शहर में बीता है। Bisleri देश की सबसे पुरानी बोतलबंद पानी कंपनी है। कंपनी के मालिक रमेश चौहान ने हाल ही में अपना 7 हजार करोड़ का कारोबार बेचने का ऐलान किया है। जयंती ने लॉस एंजिल्स में फैशन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड मर्चेंडाइजिंग से उत्पाद विकास में अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके अलावा उन्होंने Istituto Maragoni Milano से Fashion Styleing और London College of Fashion से Fashion Styleing and Photography की पढ़ाई की है.

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TCPL)लगभग 7,000 करोड़ में पैकेज्ड पानी की दिग्गज कंपनी Bisleri का अधिग्रहण करेगी
शीतल पेय ब्रांड थम्स अप, गोल्ड स्पॉट और लिम्का को कोका-कोला को बेचने के लगभग तीन दशक बाद, रमेश चौहान अनुमानित 6,000-7,000 करोड़ रुपये में Bisleri इंटरनेशनल को टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड(Tata Consumer Products Limited)(TCPL) को बेच रहे हैं। 

Bisleri ब्रांड का नाम भारत में इतना लोकप्रिय है कि सभी बोतलबंद पानी के लिए इसे सामान्य नाम के रूप में प्रयोग किया जाता है।

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